भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा कारनामा! डीज़ल इंजन को इलेक्ट्रिक में बदला

February 19, 2019, 3:05 PM
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पीएम मोदी ने दुनिया की पहली डीजल से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन को हरी झंडी दिखाई. इस इंजन का निर्माण वाराणसी रेल इंजन कारखाना में किया गया है. वाराणसी रेल इंजन कारखाना में पीएम मोदी ने दिव्यांग जनों से मुलाकात भी की है. आपको बता दें कि भारतीय रेल के डीज़ल लोकोंमेटिव वर्क्स ने विश्व का पहला डीज़ल रेल इंजन को इलेक्ट्रिक रेल इंजन बदला है. वाराणसी के  डीजल रेल इंजन कारखाना ने विश्व में पहली बार डीजल रेल इंजन को इलेक्ट्रिक रेल इंजन में बदलकर स्वर्णिम इतिहास रचा हैं. मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत स्वदेशी तकनीक अपनाते हुए डीज़ल रेल कारख़ाने ने डब्लूएजीसी 3 श्रेणी के रेल इंजन से शुरुआत की है.

आपको बता दे यह इलेक्ट्रिक रेल इंजन  माल गाड़ी (फ़्रेट वर्क) में उपयोग किया जायेगा. यह इंजन प्रदूषण मुक्त है और डीज़ल इंजन के मुक़ाबले बेहतर स्पीड और 10 हजार होर्स पावर की क्षमता देने में कारगर हैं.ये भी पढ़ें-ट्रेन यात्री ध्यान दें! रेलवे बदल चुका है सीट रिजर्वेशन से जुड़े नियम, टिकट बुक करने से पहले करें चेक

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि दुनिया के पहले डीज़ल को इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन बनाने के लिए हमारे इंजीनियरों को बधाई. 10K HP लोकोमोटिव को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई है. इस कदम से देश में मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा.

रेलवे ने रचा इतिहास
>> भारतीय रेलवे ने पहली बार एक डीजल लोकोमोटिव को विद्युत चालित इंजन में बदला दिया है.
>> यह उसके ब्रॉडगेज नेटवर्क को पूरी तरह विद्युतीकृत करने के प्रयासों का हिस्सा है.
>> इससे लोकोमोटिव की क्षमता 2600 एचपी से बढ़कर 5000 एचपी हो गयी है.
>> इस परियोजना पर काम 22 दिसंबर, 2017 को शुरू हुआ था और नया लोकोमोटिव 28 फरवरी, 2018 को तैयार करके भेजा गया.
>> रेलवे ने गुरुवार को बताया कि अवधारणा से लेकर डीजल लोकोमोटिव को इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने तक का काम महज 69 दिन में पूरा किया गया

Source – News 18

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