रेलवे ने शुरू किया महिला बोगियों में पैनिक बटन, बजते ही आ जाएगी फोर्स

December 29, 2018, 11:43 AM
Share

महिलाएं अब ट्रेनों में बेफिक्र होकर यात्रा कर सकेंगी। चलती ट्रेनों में अब यदि किसी ने उनके साथ छेड़खानी की या सामान लूटने का प्रयास किया तो वह बच नहीं पाएगा। महिलाएं बस एक बटन दबाएंगी और ट्रेन में चल रहे सुरक्षाकर्मी फौरन उस बोगी में पहुंच जाएंगे जहां वह बैठी हैं। ट्रेनों की महिला बोगियों में पैनिक बटन लगाने का काम शुरू हो गया है। नए साल में यह बटन काम करने लगेगा।

चलती ट्रेनों में महिलाओं के साथ हो रही आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। मण्डल और जोनल स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल लंबी दूरी की ट्रेनों की महिला बोगियों में पैनिक बटन लगाया जा रहा है। ट्रेनों में सफर कर रहीं महिलाएं किसी भी संकट में इस बटन को दबाकर सहायता ले सकती हैं। बटन कंट्रोल और नजदीक के आरपीएफ पोस्ट से कनेक्ट रहेगा। पैनिक बटन के उपयोग और रेल प्रशासन द्वारा उस पर की गई कार्रवाई की मॉनीटरिंग रेलवे बोर्ड करेगा।

ऐसे काम करेगा पैनिक बटन
महिला बोगियों में लगाए जाने वाले पैनिक बटन का अलार्म ट्रेन के चालक और गार्ड के पास बजेगा। जैसे ही कोई महिला इस बटन को दबाएगी चालक और गार्ड अलर्ट हो जाएंगे। वे आरपीएफ व जीआरपी स्टाफ के अलावा टीटीई को तुरंत अलर्ट करेंगे। इसके अलावा कोच के बाहर उपलब्ध फ्लैशर इकाइयों पर ऑडियो विजुअल संकेत भी मिलेगा। ट्रेन में एस्कॉर्ट कर रहे जवान कुछ ही पलों में महिला तक पहुंच जाएंगे। यह बटन हर बोगी में अलग-अलग रंगों का होगा जिससे महिलाएं आसानी से इन्हें पहचान सके।

अभी ये है व्यवस्था
वर्तमान में महिलाओं को ट्रेनों में किसी तरह की मदद के लिए आरपीएफ और जीआरपी के कंट्रोल रूम में फोन करना पड़ता है। एसएमएस की भी सुविधा है। कुछ ट्रेनों में आरपीएफ व जीआरपी एस्कॉर्ट भी रहता है लेकिन चलती ट्रेनों में उन्हें ढूंढ़ना आसान नहीं होता। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों के आने से पहले ही बदमाश अपराध करके फरार हो जाते हैं। ऐसे में पैनिक बटन से महिलाओं को तुरंत सहायता मिल जाएगी।

महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
रेलवे ने वर्ष 2018 को वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष के रूप में मनाया है। इस साल ट्रेनों और स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। ट्रेनों में लगीं महिला बोगियों को अलग रंग में रंगा जा रहा है ताकि उनकी आसानी से पहचान हो सके। साथ ही महिला बोगियों को ट्रेन के बीचोंबीच लगाने और इन बोगियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी कवायद चल रही है।

Source – HT

Share

This entry was posted in Public Facilities, Public Facilities